दोहे · Reading time: 1 minute

सफल वही है।

सफल सफल सब कोई कहै.सफल हुआ न कोई।स .और ल के बीच में चिरंजीवी होई।।चेहरा को सब कोई लखै पर चेहरा न पढ़ पावै।चेहरे को देख कर मदन मसत हो जावै।।पैसे कमाने वाले को ही लोग सफल कहते है।लेकिन असफल ही सफल को देते है।।चेहरा जिसने पढ़ लिया आज ।समझ गया अनदर के राज।।सफल वही समझो जो लेने की नही देने की इच्छा रखता हो।वह जिस परिस्थिति मे भी हो बस चेहरे पर मुसकान रखता हो।।

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Li.g.86.ayodhoya.nagar.bhopal.pin..462041 फूलचद रजक कवि एवं साहित्यकार विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं लेखन, कविता कहानी एवं लेख विगत बीस बरसों से निरन्तर प्रकाशन। मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी, शासन द्वारा पुस्तक,"आत्म मंथन" सन् २०११ में…
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