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सफलता की सीढ़ियां

देख रहा हूं मैं कई बरसों से
वो चढ़ता जा रहा है सफलता की सीढ़ियां
बदल गई कई पीढ़ियां मगर
वो चढ़ता जा रहा है सफलता की सीढ़ियां।।

होता नहीं कोई आसान काम
चढ़ना सफलता की सीढ़ियां
करने पड़ती है लगातार मेहनत
चढ़नी हो गर सफलता की सीढ़ियां।।

दिल में चाहिए जज्बा कुछ करने का
चाहिए धैर्य धीरे धीरे आगे बढ़ने का
सबको साथ लेकर ही मज़ा होता है
ये सफलता की सीढ़ियां चढ़ने का।।

कोई एक चाबी नहीं है इस जग में
सफलता की सीढ़ियां चढ़ने की
चाहिए बहुत कुछ हमें इसके लिए
सिर्फ ललक ही काफी नहीं होती
सफलता की सीढ़ियां चढ़ने की।।

खून पसीना बहाता है किसान
सारा दिन अपने खेतों में
तब कहीं जाकर होती है अच्छी
फसल भी उसके खेतों में।।

लगता है हमको उद्यमी बिना
मेहनत के ही कमाता है मुनाफा
देखेंगे उसके जीवन को गौर से
वो व्यस्तता के कारण सो भी नहीं पाता
और परिवार को भी समय दे नहीं पाता।।

त्याग हर किसी को करना पड़ता है
सफलता की सीढ़ियां चढ़ने के लिए
हमें दिन रात एक करना पड़ता है
सफलता की सीढ़ियां चढ़ने के लिए

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Author
कवि एवम विचारक
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