सदा तुम्हारी झोली में

सदा तुम्हारी झोली में खुशियों की सौगात हो।
गम से कोशों दूर रहो फूलों की बरसात हो।

हँसी-खुशी हर दिन बीते,मंगलमय हो कार्य सब ,
चाँद-सितारों से रौशन सुखद सुहानी रात हो।

कर्म पथ पर बढ़े चलो,विजय पताका लेकर,
नित बढ़े सम्मान तेरा कदमों में कायनात हो।

रहे उजियारे से मन में आशाओं की प्रकाश ,
बनों प्रेरणा सबकी, आदर्श से आत्मसात हो।

सूरज-सा चमको-दमको,बनी रहे पहचान इक,
हर किसी के होठों पर केवल तुम्हारी बात हो।
-लक्ष्मी सिंह
नई दिल्ली

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 7

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share