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सत् हंसवाहनी वर दे,

प्रार्थना
………….
सत् हंसवाहनी वर दे, सत् हंसवाहनी वर दे |
समता-ममता के पीयूष से, नव भारत भर दे |

अंतर्ज्ञान जगा दे मैया , कभी न रहूँ विकल मैं|
बना दूरदर्शी,कर दो शुभ-उज्जवल जीवन पल में |
मेरे मन के सद् भक्ति-भाव को मृदु-अनंत कर दे |
सत् हंस वाहिनी वर दे, सत् हंसवाहनी वर दे |

आद्योपान्त सुज्ञान सजग आद्ध्यात्मिकसत्-वर्षा कर|
प्राणिमात्र में भी प्रसन्नता की संपूर्ण प्रभा भर |
शुभ स्वर्ग-सदृश हो मृत्युलोक,सह दत्तचित्त कर दे |
सत् हंसवाहनी वर दे, सत् हंसवाहनी वर दे |

हर अगम्य नरपथ से उन्मूलन कुरीतियों का कर |
वैज्ञानिक हो सोच, कर्म सब ठोस व वृद्धि प्रखरतर|
“नायक बृजेश ” राष्ट्रीय एकता के अखंड कर दे |
सत् हंसवाहनी वर दे, सत् हंसवाहनी वर दे |
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बृजेश कुमार नायक
2013 में प्रकाशित मेरी कृति “जागा हिंदुस्तान चाहिए” की रचना
03-07-2017

उक्त रचना पहले फेसबुक पेज “बृजेश कुमार नायक की रचनाएं” में प्रकाशित की गई बाद में साहित्यपीडिया पर प्रकाशित की गई

पाठक बंधु , “जागा हिंदुस्तान चाहिए” कृति के पेज संख्या 17 पर अंकित उक्त रचना को उक्तानुसार परिष्कृत कर सकते हैं
बृजेश कुमार नायक
03-07-2017

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Pt Brajesh Kumar Nayak
Pt Brajesh Kumar Nayak
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