Skip to content

सत्य

डॉ०प्रदीप कुमार

डॉ०प्रदीप कुमार "दीप"

कविता

March 22, 2017

” सत्य ”
———–

माना कि…..
निराकार है !
अनिर्वचनीय है !
अदृश्य है “सत्य” |
लेकिन सत्य ही
सच है………..
क्यों कि ?
सत्य यम है !
सत्य ही नियम है |
सत्य आयाम है !
सत्य ही प्राणायाम है |
सत्य योग है !
सत्य ही खोज है |
सत्य ध्यान है !
सत्य ही प्राण है |
सत्य मनन है !
सत्य ही चमन है |
सत्य धुन है !
सत्य ही सद्गुण है |
सत्य अक्षर है !
सत्य ही ईश्वर है |
सत्य अजर है !
सत्य ही अमर है |
सत्य गीत है !
सत्य ही जीत है |
सत्य नीति है !
सत्य ही प्रीति है |
सत्य चरित्र है !
सत्य ही पवित्र है |
सत्य एक है !
सत्य ही विवेक है |
सत्य आचार्य है !
सत्य ही अनिवार्य है |
तभी तो…………
सत्य सत्य है |
और सत्य ही अमृत्य है ||
——————————
— डॉ० प्रदीप कुमार “दीप”

Author
डॉ०प्रदीप कुमार
नाम : डॉ०प्रदीप कुमार "दीप" जन्म तिथि : 02/08/1980 जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू, राजस्थान (भारत) शिक्षा : स्नात्तकोतर ,नेट ,सेट ,जे०आर०एफ०,पीएच०डी० (भूगोल ) सम्प्रति : ब्लॉक सहकारिता निरीक्षक ,सहकारिता विभाग ,राजस्थान सरकार | सम्प्राप्ति : शतक वीर सम्मान... Read more
Recommended Posts
परखा हुआ सत्य
फिर क्युँ परखते हो बार-बार तुम इस सत्य की सत्यता? सूर्य की मानिंद सतत जला है वो सत्य, किसी हिमशिला की मानिंद सतत गला है... Read more
करो सत्य स्वीकार
कितना भी कर लीजिए,यहाँ एक का चार! जाना खाली हाथ है,..करो सत्य स्वीकार!! हुआ उसी का मीडिया जिसकी हो सरकार! सोलह आने सत्य यह, करो... Read more
राम नाम सत्य है
बड़ा अजीब लगता मृत शरीर को कंधे पर रखकर लोग चिल्लाते रहे राम नाम सत्य है मृतक को बता रहे थे या खुद मृत होने... Read more
इन्सान नहीं अगर नहीं साथ दिया :: जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट५०)
रुबाई :: ----------- इंसान नहीं अगर नहीं साथ दिया । सत्कर्म -- धर्म किया न ही काम लिया । ' कमल ' तो सदा सत्य... Read more