सड़क

वो सड़क है
जहाँ
मोड़ है
ढालान है
आते जाते लोग हैं
किनारों पर
कहीं पेड़-पौधे
कहीं घर-मकान हैं
चलते हुए पाहिए हैं
और मैं हूँ
चलते हुए कदमों के साथ..

ये राह है
जहाँ अवस्थाएं हैं
व्यक्तित्व हैं
भाव-अनुभाव हैं
कर्म हैं
विचार हैं
संवेदनाएं हैं
और मैं हूँ
बढते हुए कदमों के साथ…

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