Sep 19, 2016 · शेर
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सजा दें

मुहब्बत दिखा जब किसी से फँसा है
कभी क्यों न उसको जरा सी सजा दें

दुखाया किसी का कभी दिल न तूने
दुआ को सभी की सदा ही फला दें

दिया साथ जो झूँठ का जब न तूने
सही बात से क्यों न परदा उठा दें

दिखा आयना जो लुभाया सभी को
वहीं प्यार तू सभी पर लुटा दें

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डॉ मधु त्रिवेदी
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डॉ मधु त्रिवेदी शान्ति निकेतन कालेज आफ बिजनेस मैनेजमेंट एण्ड कम्प्यूटर साइंस आगरा प्राचार्या, पोस्ट... View full profile
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