शेर · Reading time: 1 minute

सजा दें

मुहब्बत दिखा जब किसी से फँसा है
कभी क्यों न उसको जरा सी सजा दें

दुखाया किसी का कभी दिल न तूने
दुआ को सभी की सदा ही फला दें

दिया साथ जो झूँठ का जब न तूने
सही बात से क्यों न परदा उठा दें

दिखा आयना जो लुभाया सभी को
वहीं प्यार तू सभी पर लुटा दें

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डॉ मधु त्रिवेदी शान्ति निकेतन कालेज आफ बिजनेस मैनेजमेंट एण्ड कम्प्यूटर साइंस आगरा प्राचार्या, पोस्ट ग्रेडुएट कालेज आगरा *************** My blog madhu parashar.blogspot.in Meri Dunia कोर्डिनेटर * राजर्षि टंडन ओपन…
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