*सच की आदत*

सच की आदत बहुत बुरी है
कड़वी ये इक तेज छुरी है
कलियुग में अपराध मगर
नैतिकता की नेक धुरी है
*धर्मेन्द्र अरोड़ा*

10 Views
*काव्य-माँ शारदेय का वरदान * Awards: विभिन्न मंचों द्वारा सम्मानित
You may also like: