" -----------------------------------सचमुच एक बहाना है " !!

” तेरा रूठना कह दे बहना –
सचमुच एक बहाना है ” !!

जिन आंखों में आंसू बसते ,
उनमें मोती सजने दे !
अपने हाथों तुझे खिलाऊँ ,
नीर न अब तू बहने दे !
इतना मत रो मेरी बबली ,
क्या मुझे रुलाना है !!

मैं हूँ अबोध तू लगे सयानी ,
यही सभी का कहना है !
है सूझ बूझ नानी दादी सी ,
तू लागे ज्यों गहना है !
जिद थोड़ी अच्छी लगती है ,
औऱ मुसीबत ढाना है !!

सीधे मुंह अब बात भी कर ले,
ज्यादह भाव नहीं खाना !
राखी अब नजदीक आ गई ,
कहीं तुझे ना पड़े मनाना !
गिफ्ट , मिठाई और क्या चाहे –
हँसकर तुझे बताना है !!

बृज व्यास

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 124

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share