सखी री प्रीत की रीत पुरानी ।

सखी री प्रीत की रीत पुरानी ।

मीरा तप के प्रेम अगन में,
जोगन बनीं दिवानी
कान्हा की वंशी की धुन पर
राधा सुध विसरानी
सखी री प्रीत की रीत पुरानी ।

गोपिन प्रीत करी मोहन से,
पाती सुन पगलानी
प्रीत करी मीनन ने जल से
दूर होत अकुलानी
सखी री प्रीत की रीत पुरानी ।

कह गये लोग सयाने सांची
डगर नहीं ये सुहानी
प्रीत में चैन मिले नहिं पल भर
ना करियो नादानी
सखी री प्रीत की रीत पुरानी ।

अनुराग दीक्षित

Like Comment 0
Views 1

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing