सखी निराली

मां एक एहसास हैं,
मां एक आस है,
मां पूर्ण करती दुनिया हमारी
मां बिन देखो रूठा है दिल मेरा

मैं एक ज्योति तो ,
मां उस कि रोशनी है,
मैं एक तारा तो ,
मां उसकी चमक है,
मै‌ एक शरीर तो,
मां आत्मा है,

मां है तो कुदरत मेरा
बिन देखो, खुदा भी अधुरा।

मां मेरी परछाई तो,
मैं हुं छाया उनकी,
सुर्य के तेज को भी,
चुनौती देती है मां मेरी,
ना जाने क्या क्या करती है,
मेरे वास्ते,

चांद के शीतलता से भी ज्यादा,
शीतल है अम्मा मेरी
वायु के वेग से भी तेज है,
मैया मोरी,
ना जाने सेहती कितने कष्ट ,
मेरे लिए
फिर भी छोड़ देते हैं हम उन्हें,
जब होती है जरुरत मेरी,

कहते हैं भगवान है बहुत दयालु,
पर ना मेरी मैया से ज्यादा,
गंगा के पवित्रता से भी ज्यादा,
पवित्र हे माता मेरी,

विन मां के यह जग अधुरी
विन मां के यह विश्व सुनीं

मां है मेरी, सब से प्यारी
मैं से मेरी सखी निराली,
करती हे निर्माण मेरा,

Happy mother’s day in advance

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