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संसार

जो आया है उसको जाना है
चलना नहीं बहाना है
किस बात का अहंकार
कहां जा रहा यह संसार !!

ना कोई छोटा है ना कोई बड़ा है
सब इस धरती पर हीं खड़ा है
फिर क्यों हो रहा नरसंहार
कहां जा रहा…. संसार !!

वह जमाना था यह जमाना है
हर कोई लड़की का दीवाना है
शर्म की सीमा गई सर से पार
कहां जा रहा…… संसार !!

राम के देश में रावण के भेष में
लालच अमिरी का सबके फेस में
रिश्वत लागू है हर दरबार
कहां जा रहा……संसार !!

ना कोई लेकर आया
ना कोई लेकर गया
इंसान का इंसान से
रहा ना मोह माया
फिर क्यों पापियों का
हो रहा जयकार
कहां जा रहा….संसार !!

सुनिल गोस्वामी

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