.
Skip to content

संविधान और मूल अधिकार

Rita Singh

Rita Singh

कविता

November 26, 2016

आज़ादी के बाद देश में
बना हमारा नया विधान ,
गणतंत्र भारत को मिला
अपना एक लिखित संविधान ।

बाबा अंबेडकर निर्माता इसके
कानून के थे वो ज्ञाता
26 नवम्बर संविधान किया पूरा
कहलाए विधि निर्माता ।

हैं इसमें अनुसूची बारह
और चार सौ पैंसठ अनुच्छेद
बाइस भागों में ये विभाजित
करता किसी में न कोई भेद ।

भाग तीन है बड़ा निराला
देता हमको छः अधिकार
मानव विकास में सहायक हैं ये
कहते इनको मूल अधिकार ।

पहला अधिकार है समानता का
ऊँच नीच का भेद मिटाए
दूजा अधिकार आजादी का
है जीवन रक्षा करवाए ।

नंबर तीन अधिकार अनोखा
मानव शोषण है रुकवाता
धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
सर्वधर्म सम्भाव सिखाता ।

संस्कृति का संरक्षण कर लो
कहे शिक्षा संस्कृति का अधिकार
संविधान की आत्मा कहलाए
संवैधानिक उपचारों का अधिकार ।

अधिकार मिले हैं विकास को
न इनका दुरुपयोग करो
चहुँमुखी विकास कर अपना
देश उन्नति में सहयोग करो ।

डॉ रीता
आया नगर , नई दिल्ली ।

Author
Rita Singh
नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन... Read more
Recommended Posts
जय बोलो मतदाता की
लोकतंत्र के अग्रपूज्य की भारत भाग्य विधाता की निर्वाचन का महायज्ञ है, जय बोलो मतदाता की जय जनता में निहित शक्ति की जय पुनीत इस... Read more
अभिव्यक्ति
?एक अभिव्यक्ति मेरी भी? "अभिव्यक्त करना"कितना आसान है आजकल|अभिव्यक्ति का आधुनिक त्वरित मंच सोशल मीडिया आखिर आपकी हथेली में ही तो है बस कीबोर्ड पर... Read more
संविधान पर थूका है।
भारत माँ की आन बान औ स्वाभिमान पर थूका है। अलगावी नेताओं ने अब संविधान पर थूका है। अपनी दिल्ली चुप है फिर भी जाने... Read more
पात्र- माँ , बेटी , पिता और सूत्रधार ************************** *** सूत्रधार - आज देश में कई प्रकार की बुराइयाँ फैली हुई है | इन बुराइयों... Read more