संदेशा बिटिया का

दिनांक 13/5/19

चाँद तलक
ले चलो पापा
देना एक संदेशा है
देख रहे तुम
ऊपर से दुनियाँ
नहीं रहे कोई
यहाँ दुखियां

पापा हैं
सखा मेरे
चाँद की
राह दिखाए
आसमान जो
छूए कदम
मन बाग बाग
हो जाए

है एक
तमन्ना मेरी
चाँद तलक
जाए ये संदेश
हो पूरी दुनियाँ
की बेटी
शिक्षित और
उन्नतिशील

पापा का हो
ऐसा साथ
छूटे न कभी
उनका हाथ

छूऊ आसमां,
पाऊँ प्यार
पापा की बेटी
पाए दुलार

स्वलिखित लेखक
संतोष श्रीवास्तव भोपाल

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