Jul 31, 2016 · कविता
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संगीत दिवस

सारा दिन हुई योग की चर्चा
आओ अब गीत शारदे गा लें
संगीत की बज उठे तरंगे
उमंगो में सरगम सजा लें
गीतिका वरखा सुनाए
साज़ बूंदों का बजा लें
झनझना उठे अंतस
हृदय में उसको बिठा लें
रूह से मिल सके रूह जो
बांस में प्रीतम सजा लें
संगीत दिवस की बधाई
उमंगो में सरगम सजा लें
गीतिका वरखा सुनाए
साज़ बूंदों का बजा लें
झनझना उठे अंतस
हृदय में उसको बिठा लें
रूह से मिल सके रूह जो
बांस में प्रीतम सजा लें

संगीत दिवस की बधाई

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Dr.pratibha prkash
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डॉ प्रतिभा प्रकाश पुत्री/श्री वेदप्रकाश माहेश्वरी स्थायी पता मो.राधाकृष्ण ग्राम/पोस्ट अलीगंज जिला एटा उत्तर प्रदेश... View full profile
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