मुक्तक · Reading time: 1 minute

श्रृद्धांजलि राष्ट्र कवि श्री मैथिलीशरण गुप्त के प्रति,

राष्ट्र कवि श्री मैथिली शरण गुप्त=
सुप्त राष्ट्र जाग्रत करने में, कौन था उनके सद्दश,
उद्घोषक, युग द्दष्टा का ही, फैलता जाता सुयश.
यह रहा इतिहास कवि ही, राष्ट्र का प्रेरक रहा है,
राष्ट्र कवि सम्मान में हम सब मनाएं “कवि दिवस”

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