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???श्रीश्री बाबा नीम करौरी स्तुति(तोटक छ्न्द में)???

Abhishek Parashar

Abhishek Parashar

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November 13, 2017

जय लक्ष्मण दास नमामि हरे, जय लीला कृपा आगार हरे।
जय जन्म सिद्ध सर्व व्याप्त, परम प्रेम जय जय अच्युत।
हनुमत स्वरुप जय श्री मान, जय श्रीबासक जय कृपानिधान।
हे ज्ञान निधि जय परम हंस, भव तारक जय पवन अंश।
हे अंजनि सुत अवतार प्रभो, जय जगदाधार जगत विभो।
हे प्रकृति नियन्त्रक अभियन्ता, जय हो सन्त शिरोमणि भगवन्ता।
श्रद्धा प्रेरक जय भगति रूप, ज्ञानगम्य जय जय अनूप।
जय अनन्त हृदय के ईश्वर, जय पुण्य प्रभाकर परमेश्वर।
जय अति गभीर ब्रज विराज, जय भक्त वत्सल राजाधिराज।
हे संकट मोचन मंगल रूप, जय विघ्न हरण दया स्वरुप।
जय भक्तन के नयनाभिराम, जय अविनाशी जय राम नाम।
जय अंब सदृश जय ममतागृह, जय नित्य प्रकट हो भक्ताग्रह।
जय वेदमन्त्र जय हो पुराण, गीता गायक जय भक्त रमण।
जय कृपा मेघ जय ज्ञान सिन्धु, हे सरल चित्त हे जगत बन्धु।
जय शांतवेश जय उर विशाल, हे उदारमना जय तेज भाल।
जय नित्य सेव्य जय प्रेम रूप, जय नित्य शुद्ध साकार रूप।
दोहा
जो निशि वासर प्रेम सों, करै बाबा का ध्यान।
भगति मिले रघुवीर की, कहते चतुर सुजान।
हनुमत दर्शन लालसा, जो राखै मन मांहि,
नित बाबा पूजन करे, काज बनत चलि जांहि।

@@अभिषेक पाराशर@@

Author
Abhishek Parashar
शिक्षा-स्नातकोत्तर (इतिहास), सिस्टम मैनेजर कार्यालय-प्रवर अधीक्षक डाकघर मथुरा मण्डल, मथुरा, हनुमत सिद्ध परम पूज्य गुरुदेव की कृपा से कविता करना आ गया, इसमें कुछ भी विशेष नहीं, क्यों कि सिद्धों के संग से ऐसी सामान्य गुण विकसित हो जाते है।आदर्श... Read more