श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दोहे

1
भादों की थी अष्टमी,धुँआधार बरसात
जन्म लिया श्रीकृष्ण ने, बड़ी अनोखी रात

2
द्वारपाल सब सो गये,खाली कारागार
हथकड़ियाँ भी खुल गईं, लियो कृष्ण अवतार

3
कृष्ण टोकरी में धरे, चले नन्द के गाँव
वासुदेव पर कर रहे, शेषनाग जी छाँव

4
माता तो है देवकी , वासुदेव हैं तात
नन्द यशोदा को मिली, लेकिन ये सौगात

5
गोकुल में उत्सव मना, झूम रहे हैं लोग
घर घर में ही बन रहे, उनके छप्पन भोग

6
लो गोविंदा आ गया, मटकी देगा फोड़
बना रहा है सीढियां, ग्वालसखा सब जोड़

7
आया आया देखिये, सबका माखनचोर
सजा हुआ है पालना, रेशम की है डोर

8
आया है जन्माष्टमी, का प्यारा त्यौहार
आज कन्हैया लाल की, चहुँदिश जयजयकार

9
बने पार्थ के सारथी, कृष्ण चक्र ले हाथ
धर्मयुद्ध में बस दिया, , पांडव का ही साथ

10
बंसी वाले कृष्ण की, लीला अपरम्पार
दुष्टों का संहार कर, बाँटा करते प्यार

22-08-2019
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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