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शोभा की अभिव्यक्ति

डॉ०प्रदीप कुमार

डॉ०प्रदीप कुमार

कविता

April 7, 2017

“शोभा की अभिव्यक्ति”
—————————-
क्या शोभा ?
अभिव्यक्त हो सकती है !
हाँ …………………..
शोभा कि अभिव्यक्ति
हो सकती है |
पर ! यह मुश्किल तो है
लेकिन नामुमकिन नहीं !
गर गौर करें तो
अभिव्यक्त कर सकते हैं
हम शोभा के यथार्थ
और अस्तित्व को……….
स्नेहिल नजरों से !
दिल के एहसास से !
हृदय की धड़कन से !
और मन की तड़पन से !!
क्यों कि शोभा………….
निराकार है !
एकाकार है !
अनिर्वचनीय है !
शोभा का वर्णन
शब्दों से संभव नहीं है |
इसे जानने के लिए
आत्मसाक्षात्कार होना चाहिए
खुद का खुद से !
ताकि उद्भव हो
जानने की जिज्ञासा…..
और पहचाने की शक्ति
वह शोभा ही है…………
जो संसार है !
अलंकार है !
श्रृंगार है !
और
मोतियों जैसा हार है ||
कहने को तो
एक शब्द है
लेकिन अभावों में
शोभा ही एक भाव है ||
यह भक्ति में समाहित
एक शक्ति है…………
बस ! यही सार्थक और
सारभूत अभिव्यक्ति है !
शोभा की ||

—————————–
डॉ० प्रदीप कुमार “दीप”

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Author
डॉ०प्रदीप कुमार
From: खेतड़ी
नाम : डॉ०प्रदीप कुमार "दीप" जन्म तिथि : 02/08/1980 जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू, राजस्थान (भारत) शिक्षा : स्नात्तकोतर ,नेट ,सेट ,जे०आर०एफ०,पीएच०डी० (भूगोल ) सम्प्रति : ब्लॉक सहकारिता निरीक्षक ,सहकारिता विभाग ,राजस्थान सरकार | सम्प्राप्ति : शतक वीर सम्मान... Read more
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