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शेर

Sangita Goel

Sangita Goel

कविता

November 14, 2017

क्या क्या न सहा जीस्त ने सिर्फ तेरे वास्ते
जब अलग थी मंजिले अलग थलग थे रास्ते।।।।

Author
Sangita Goel
मेरी विधा दोहे, कुंडलियाँ, कविता, छंद, हाइकु, गजले, शेर, शायरी,मुक्तक, लघुकथा, कहानी, two liners,, गीत, भक्ति गीत, इत्यादि।।। अपनी गजले गाना मुझे पंसद है। नोएडा,, काफी सारे कार्यक्रम में भाग ले चुकी हूँ।।।। साहित्य से जुड़ी हुई हूँ।।। Facebook पर... Read more
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