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***** शेर *****

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

शेर

October 22, 2017

जुबां से कह दे एक बार है तुझको भी मुझसे प्यार

फिर जवानी जवानी बदस्तूर कहानी कहाती है ।

तुमने की मुझ पर बड़ी मेहरबानी है

बता दे अब कहां आंखों का पानी है।।

इश्क अपना अगर रूहानी है

क्यो बनाती अब कहानी है ।।

?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में... Read more
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