.
Skip to content

शेर..यथार्थ का बोध*

Dr. Mahender Singh

Dr. Mahender Singh

शेर

November 11, 2017

***स्वीकार किया है हमने,
उसका नाम ताकि थोप सके,
अपनी बुराई उसके नाम,
खुद जिम्मेदारी लेने में बड़े झंझट है,
.
चिंतन है मानव की एकमात्र पहचान,
बुढ़ापा नहीं कोई अपाहिज़ पड़ाव,
जो नहीं कर पाएं चिंतन,
अब बुढ़ापे में है,व्यर्थ ही परेशान,
.
जीवन के आखिरी छोर का नाम है मौत,
आदमी उसी को कबूल नहीं करता,
इसलिए “परेशानी के निशान”का नाम है जिंदगी,
Mahender Singh Author at Sahityapedia webpage.

Author
Dr. Mahender Singh
(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !
Recommended Posts
कुछ  शेर  मुहोबत  के  नाम
Onika Setia शेर Jan 29, 2017
कुछ शेर मुहोबत के नाम १, क्या लुत्फ़ हो उस मौत का जिसे दुनिया देखे, मुहोबत की राह में जो इस तरह कुर्बान हो गयाें।... Read more
किया है ज़िन्दगी(?), एक नाम है ज़िन्दगी (!)
किया है ज़िन्दगी(?), एक नाम है ज़िन्दगी (!) कैसे जीए तेरे बगैर(?), तेरा नाम है ज़िन्दगी (!)
प्यार नाम है
कवि:- शिवदत्त श्रोत्रिय प्यार नाम है बरसात मे एक साथ भीग जाने का प्यार नाम है धूप मे एक साथ सुखाने का || प्यार नाम... Read more
मेरा वो आखिरी शेर
सोने से पहले लिखा गया मेरा वो आखिरी शेर ; एक पूरे सादे कागज पर तुम्हारे नाम का शेर, रात भर देता रहा आवाज़े और... Read more