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शेर..”उस एक की पहचान”

Dr. Mahender Singh

Dr. Mahender Singh

शेर

October 14, 2017

किन किन से उलझिएगा,
तुम्हारे जैसे सिर्फ तुम ही हो,

एक अकेले उसकी विशिष्ट कृति,
गौर फरमाईयेगा,

या फिर जिंदगी भर कष्ट पाईयेगा,
जो जी में आये वो करियेगा,

पर खुद को दुखी मत करिएगा,
उम्मीद उस एक पर रखिएगा,

उस एक को खोज निकालिएगा,
जिससे सब रचनाएं नृतकी है,
.
डॉ महेंद्र सिंह खालेटिया,
रेवाड़ी(हरियाणा)

Author
Dr. Mahender Singh
(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !
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