शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाए

शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाए ,शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं |
जीवन में अनुपम प्रकाश के रंग भरे, उल्लास सजाएं ||

-राष्ट्र हमारा कल गुलाम था
आज स्वयं हम ही गुलाम है
अवनति- हिंसामय रोगों से
ऐंठू है ,हम सिर्फ चाम है
सोई आत्मा,आंसू गम के ,
निकल रहे ,कुछ तो शर्माएं
शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं ,शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं |

-कहीं लूट ,इज्जत औ धन की
बन बैठे हम,हिंसक -सनकी
जीवित हैं ,गह अहंकार को
चिंता नाहीं इनको जन की
स्वयं सुधरिए, जग सुधरेगा ,
नारे को ,कुछ तो अपनाएं
शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं,शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं

– जय-जय केवल है भाषा में ,
मन दूरी की परिभाषा में
अंतःकरण मिले ना भैया
बुद्धि ,प्रेम की अभिलाषा में,
बैठी, यह अज्ञान -तिमिर है,
दिल -सुबोल को कर्म बनाए
शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं, शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं
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बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

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