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शिव और शिवा

पं.संजीव शुक्ल सचिन

पं.संजीव शुक्ल सचिन

कविता

November 14, 2017

शिव और शिवा
……………

मै दीपक हूँ तूं लव मेरी
मैं धर्म ध्वजा तूं भक्ति है
जो साथ है तूं तो शिव हूं मैं
कारण तूं शिव की शक्ति है
मैं धर्मग्रंथ का शब्द कठिन
पर तूं उसकी अभिब्यक्ति है
मैं भाव हूँ तूं भावार्थ मेरी
मैं शब्द एक तूं पंक्ति है।।
……

©®पं.संजीव शुक्ल “सचिन”

Author
पं.संजीव शुक्ल सचिन
मैं पश्चिमी चम्पारण से हूँ, ग्राम+पो.-मुसहरवा (बिहार) वर्तमान समय में दिल्ली में एक प्राईवेट सेक्टर में कार्यरत हूँ। लेखन कला मेरा जूनून है।
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