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शिक्षा में नकल का प्रकोप_०२

आज हमारा शिक्षक भी भ्रष्टाचार में लिप्त हो गया है।उसका
उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना है,वह इससे ऊपर उठकर कभी नहीं सोचता है।उसका कारण है,कि सरकार भर्ती के दौरान शिक्षकों की बुद्धि की परख नही करतीं हैं।वह शिक्षकों की भर्ती का काम
भ्रष्टाचारियो को सौंप देती है।वह व्यक्ति शिक्षक बनने के लायक़ है या नही यह कोई परख नही करतीं हैं । क्योंकि भर्ती करने वाला पैसों में बिक जाता है। फिर हम उसकी योग्यता और अनुभव को
कैसे परख सकते हैं। और उसके सारे मापदंड नकल के द्वारा हासिल किए जाते हैं।यह हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती होती है।
कि हम शिक्षक की योग्यता को कैसे परखें? आज इस भ्रष्टाचार ने
हमारी योग्यता को तोड़ कर रख दिया है। शिक्षक की भर्ती में लिखित योग्यता ही पर्याप्त न माने। साक्षात्कार जरूर लें।
वह भी अच्छे ईमानदार व्यक्तियों द्वारा इसमें भिन्न प्रकार के प्रशन ।पूछे, जैसे _ आप शिक्षक क्यों बनना चाहते हो? साक्षात्कार में
निम्न व्यक्तियों को शामिल करें।३_ किसी भी पेपर का सम्पादक।
४__ साहित्यकार लेखक।५_ मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ। ऐसे व्यक्तियों के द्वारा पैनल बनाकर परीक्षा का आयोजन किया जाना चाहिए। तभी हम एक अच्छा ज्ञान वान शिक्षक तैयार कर सकते हैं। निरन्तर।।।।।।।
रक

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