मुक्तक · Reading time: 1 minute

शिक्षा का हाल

शिक्षा का हाल बुरा हो गया है ,आज ये केवल व्यवसाय बन कर रह गया है ।
आज के स्टूडेंट का हाल ना पूछो,
इनके हाथों में मोबाइल और आंखों पर काला चश्मा चढ़ गया है। यह कॉलेज में पढ़ने कम,ज्यादा पिकनिक मनाने आते हैं,
बाप की कमाई को सिगरेट के धुएं में उड़ाते हैं ।
शिक्षा का हाल बुरा हो गया है, आज ये केवल व्यवसाय बनकर रह गया है
साल भर अपने गुरुओं को यह थप्पड़ दिखाते हैं,
जब आता है परीक्षा का वक्त तो पैरों में झुक जाते हैं।
निकलता है जब फेल का रिजल्ट ,
तो यह दुखी होने का ड्रामा रचाते हैं ।
बेचारे मां-बाप इनके आंसू को देख ,फिर से फॉर्म भरवाते हैं।
शिक्षा का हाल बुरा हो गया है, आज यह केवल व्यवसाय बनकर रह गया है।
गुरुजन भी स्टूडेंट से कम नहीं रह गए हैं ,शिक्षा को बेचकर अपनी जेब गर्म कर रहे हैं।
शिक्षा का हाल बुरा हो गया है, आज ये एक व्यवसाय बन कर रह गया।

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