Skip to content

शिक्षा का गिरता स्तर

Vindhya Prakash Mishra

Vindhya Prakash Mishra

कविता

September 12, 2017

शिक्षा के गिरते स्तर मे किसका दोष निकाल रहे।
देखे अब शतप्रतिशत अंक लेकर जो बेकार रहे
जबतक अंको के जोड मे प्रतिस्पर्धा होगी
अंक बढाने को को लोगों मे बडी होड जो होगी।
फिर भी सदा सर्वदा प्रतिभा की न तोड रहेगी।

Author
Vindhya Prakash Mishra
Vindhya Prakash Mishra Teacher at Saryu indra mahavidyalaya Sangramgarh pratapgarh up Mo 9198989831 कवि, अध्यापक
Recommended Posts
शिक्षा
चैन से कैसे सोऊँ मैं, मुझे शिक्षा की अलख जगानी है, मेरे देश में जड़ जमा चुकी हर बुराई दूर मैंने भगानी है। शिक्षा से... Read more
हिन्‍दी सबको प्‍यारी होगी
हिन्‍दी सबको प्‍यारी होगी। इसकी छवि उजियारी होगी। ना कोई लाचारी होगी। अब न यह बेचारी होगी। ना कोई रँगदारी होगी। मर्दुमरायशुमारी होगी। खड़ी फौज... Read more
शिक्षा
शिक्षा शिक्षा से बुद्धि का विकास होता है, शिक्षा से ज्ञान का विस्तार होता है, शिक्षा के द्वारा ही ये सब काम होता है शिक्षा... Read more
आदर्श शिक्षा-व्यवस्था का त्रिस्तरीय प्रारूप
रोजगार सुनिश्चित करने में असमर्थता के चलते शिक्षा के प्रति नई पीढ़ी में बढ़ती अरुचि..ऐसा गम्भीर विषय है जिसकी और अनदेखी नही होनी चाहिए। भारत... Read more