.
Skip to content

शिक्षक

डॉ सुलक्षणा अहलावत

डॉ सुलक्षणा अहलावत

कविता

September 5, 2016

::::::::::::::::::::::::::::::शिक्षक::::::::::::::::::::::::::::::

वो शिक्षक ही होता है जो हमें बोलना सिखाता है।
जो ऊँगली पकड़ कर हमारी हमें चलना सिखाता है।

वो शिक्षक ही होता है जो हाथ पकड़ कर लिखना सिखाता है।
वो शिक्षक ही होता है जो हमें देख कर परखना सिखाता है।

वो हमें हर एक अक्षर का ज्ञान और हर एक शब्द का अर्थ समझाता है।
वो शिक्षक ही होता है जिसका ज्ञान दुखों के भवसागर से पार लगाता है।

वो शिक्षक ही होता है जो हमें जीवन जीना सिखाता है।
वो शिक्षक ही होता है जो हमें क्रोध को पीना सिखाता है।

ज्ञान की ज्योति से वो हमारे मन मन्दिर को आलोकित करता है।
माँ ने जीवन देती है, पिता रक्षा करता है पर शिक्षक जीवन में रंग भरता है।

वो शिक्षक ही होता है जो एक इंसान को इंसान बनाता है।
वो शिक्षक ही होता है जो खुली आँखों से भगवान दिखाता है।

वो शिक्षक ही होता है जिसकी दिखाई राह पर चलकर हम लक्ष्य को पाते हैं।
वो शिक्षक ही होता है जिसके ज्ञान के कारण हम सफलता की सीढियाँ चढ़ते जाते हैं।

इस दुनिया में शिक्षक को शब्दों के दायरे में नहीं बाँधा जा सकता है।
“”सुलक्षणा”” वो शिक्षक ही होता है जो ज्ञान की बातें लिखता है।

Author
डॉ सुलक्षणा अहलावत
लिख सकूँ कुछ ऐसा जो दिल को छू जाये, मेरे हर शब्द से मोहब्बत की खुशबु आये। शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार में अंग्रेजी प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हूँ। हरियाणवी लोक गायक श्री रणबीर सिंह बड़वासनी मेरे गुरु हैं। माँ... Read more
Recommended Posts
शिक्षक दिवस पर कुछ विधाता छंद पर मुक्तक
1 किताबी ज्ञान ही केवल, नहीं शिक्षक सिखाता है कमी अच्छाई बतलाकर हमें खुद से मिलाता है भटकने वो नहीं देता कभी भी लक्ष्य से... Read more
शिक्षक
??? शिक्षक ??? =================== शिक्षक जीवन का वह रत्न है शिक्षक, शिक्षक रत्नों में नवरत्न है। शिक्षक, शिक्षक शिक्षा का वह सार है शिक्षक, शिक्षक... Read more
ग़ज़ल।जहां मे ज्ञान का पौधा सदा बोता रहा शिक्षक ।
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, सजता राह जीवन की स्वंय खोता रहा शिक्षक । जहां मे ज्ञान का पौधा सदा बोता रहा शिक्षक । हमारी एक ग़लती पर... Read more
प्रथम शिक्षक
ज्ञान के रोशन सितारे वो करे साख नैतिकता सुज्ञानी ही धरे पाठ स्कूलों में बड़ा चाहे पढ़े माँ प्रथम शिक्षक गुण शिशु में'भरे।