Nov 9, 2020 · कविता
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शारद मां का पुत्र

तिमिर मिटा के दीप जला के
ज्ञान पुंज बिखराता चला ।
शारद मां का पुत्र आज फिर
ज्ञान का दीप जलाए चला ।।

सेवा कर्तव्य और अनुशासन
गुरूता को सम्मान मिला ,
शिक्षा पथ का सजग प्रहरी
ज्ञान की ज्योति जलाए चला ।।

दुर्गम पथ अगणित बाधाएं,
अपनी सीधी राह चला।
हर्ष विषाद नहीं कुछ मन में,
जीवन पथ का सार मिला ।।

त्याग , तपस्या और समर्पण,
संयम का आधार मिला।
अनुकरणीय हैं जिसकी राहें,
सुगम मार्ग हम को भी मिला ।।

सुनील कुमार सोनी
चीचली
जिला -narsinghpur
म प्र

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Sunil soni
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