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शायरी -Dil se

जयति जैन (नूतन)

जयति जैन (नूतन)

शेर

January 19, 2017

शायरी कलेक्शन

तुम मिलो तो एक बार, दिल का हाल जताने के लिये,
फ़िर हमें छोड़ किसी और का खयाल दिल मे नहीं आयेगा!
………………….
तुम मेरे हो सब जानते हैं,
में तुम्हारी हुं कोई नहीं मानता !
क्युं ???
………………….
सांस बनकर रहती है तू मेरे संग,
तू है तो आज मैं जिन्दा हुं !
………………….

जिस घर का दरवाजा नहीं होता,
मोहब्बत वो घर है !
– जयति जैन

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Author
जयति जैन (नूतन)
लोगों की भीड़ से निकली आम लड़की ! पूरा नाम- DRx जयति जैन उपनाम- शानू, नूतन लौकिक शिक्षा- डी.फार्मा, बी.फार्मा, एम. फार्मा लेखन- 2010 से अब तक वर्तमान लेखन- सामाज़िक लेखन, दैनिक व साप्ताहिक अख्बार, चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी... Read more