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शायरी

Akib Javed

Akib Javed

शेर

November 12, 2017

नमाज़े इश्क की सदा क़ज़ा करते रहे हम
ख्वाबो में ख़ुदाए इश्क को मांगते रहे हम

है दफ़न मुझमे मेरी कितनी रौनके मत पूछ,
उजड़ उजड़ कर जो बसता रहा वो शहर हूँ मै

®आकिब जावेद

Author
Akib Javed
कुछ लिखना चाहता हूँ,सोचता हूँ,शब्दो से खेलता हूँ,सीखता हूँ,लिखता हूँ।।
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