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शायरी

अजीत कुमार तलवार

अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

शेर

February 22, 2017

अपना दिल काबू में हो बस चाहे बेवफा रोज मिले
लिखा है, हमारे इक दोस्त ने न जाने क्या सोच के
भाई मेरे वतन साहब है यह दिल रखना जरा संभाल के
ज्यादा बेवफा करने वालों से बचा के रखना सोच के !!
अजीत

अपने अश्कों को यूं बर्बाद न कर
आँखों को शिकायत हो जाएगी
रोने के लिए वो दिन छोड़ दे साकी
जिस दिन मेरी लाश तेरे घर के आगे से जाएगी !!

अजीत

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Author
अजीत कुमार तलवार
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906

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