शेर · Reading time: 1 minute

शायरी

प्यार ने बहुत तडपाया और रुलाया इन आँखों ने
कभी हम ने इनको देखा तो कभी अपने हाल को देखा
क्यूं सितम देते हैं दुनिया में लोग किसी को न मालूम
जब निभाना नहीं था, तो क्यूं मझधार में छोड़ा !!!!!

जिन्दगी ने बड़े दर्द दिए
दर्द भी बड़े बेदर्द दिए
होश में न रहने के लिए
न जाने क्या क्या सितम किये !!

अजीत तलवार
मेरठ

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शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , Books: तीन कविता साहित्यापेडिया में प्रकाशित हुई है..यही मेरा सौभाग्य रहा है…
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