शेर · Reading time: 1 minute

शायरी

हमारी चहात को यूं इल्जाम न दो,
हम तुम्हारे लिए बहुत तड़पते हैं,

आके इन यादों में भी समेट लो हमें,
हमें गुम नामी का नाम न दो,।

Jayvind Singh Ngariya Ji

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