मुक्तक · Reading time: 1 minute

शायरी

आपने तो बस नही सुखाये बाल शीशे के सामने
अंदाज़ा है आपको आज आईने पर क्या गुज़री ।
– चिंतन जैन

58 Views
Like
47 Posts · 1.4k Views
You may also like:
Loading...