शहीद

ज़हन में अगरचे सदाकत न होगी!
कभी आपसे फ़िर मुहब्बत न होगी!!
भले लाख़ कोशिश करे ये ज़माना!
मगर पाक फ़िर से सियासत न होगी!!
शहीदों से रोशन हमारा वतन है!
शहादत सरीख़ी इबादत न होगी!!
अगर ज़िंदगी में रहेगी सदाकत!
वफ़ा की डगर पे तिजारत न होगी!!
मुसाफ़िर का दावा बड़ा ही सुहाना!
हमें अब किसी से शिकायत न होगी!!

धर्मेन्द्र अरोड़ा
“मुसाफ़िर पानीपती”
*सर्वाधिकार सुरक्षित*©®

Do you want to publish your book?

Sahityapedia's Book Publishing Package only in ₹ 9,990/-

  • Premium Quality
  • 50 Author copies
  • Sale on Amazon, Flipkart etc.
  • Monthly royalty payments

Click this link to know more- https://publish.sahityapedia.com/pricing

Whatsapp or call us at 9618066119
(Monday to Saturday, 9 AM to 9 PM)

*This is a limited time offer. GST extra.

Like 1 Comment 0
Views 3

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing