.
Skip to content

“शहर को दुआ देते हैं”

Shri Bhagwan Bawwa

Shri Bhagwan Bawwa

शेर

October 23, 2016

किसी के आसूंओं को पोंछ कर, हंसा देते हैं !
इस बार, दिवाली कुछ इस तरह मना लेते हैं !!
बहुत शोर हो रहा है , बम-पटाखों का यहां,
चलो, सब मिलकर इस शहर को दुआ देते हैं !
तेरी रसोई में तो रोज दिवाली रहती है, दोस्त,
आज किसी भूखे शख्श को मिठाई,खिला देतें है!

Author
Recommended Posts
आप हमसे यूँ मिले है शह्र में
आप हमसे यूँ मिले है शह्र में गुल ही गुल के सिलसिले है शह्र में अपनी सूरत आप ही देखा किये आईने ही आईने हैं... Read more
खुश रहे वो हर पल ज़िन्दगी में
खुश रहे वो हर पल ज़िन्दगी में लब मेरे आज भी उसे दुआ देते है गम हो उसको जिंदगी में कोई भी मोती मेरी आँखों... Read more
पास  आने  नहीं  देते
पास आने नहीं देते मुस्कुराने नहीं देते बोझ ज़िम्मेदारियों के सर उठाने नहीं देते ख्वाब नींद का मुझे दर खटखटाने नहीं देते कह चले अपनी... Read more
सोकर तो जीने देते
क्यों जगाया तुमने ? कुछ और सोने देते । जो ख्वाब देखता था , पूरा तो होने देते , सब छीन लिया तुमने मुझको जगा... Read more