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शर्म आती क्या राजधानी को???

आनंद बिहारी

आनंद बिहारी

गज़ल/गीतिका

September 19, 2016

#उरी के शहीदों को समर्पित…

कौन भूलेगा इस कहानी को
शहीदों को, उनकी क़ुर्बानी को।1।

सुर्ख़ केशर है शहीदों के खूं से
ना भुलाना है खाद-पानी को।2।

बूढ़े माँ-बाप, लाचार बीवी-बच्चे
कौन संभाले इस निशानी को।3।

उनके मांदों में घुस हलाल करो
करें वो याद दादी-नानी को।4।

बहुत हुआ, बर्दास्त अब नहीं होता
रोको ना हिन्द की जवानी को।5।

शर्म आती क्या इस शहादत पे
इस दिल्ली को, राजधानी को?6।

भूगोल, इतिहास भी बदल डालो
देश तैयार है नई कहानी को।7।

-आनंद बिहारी, चंडीगढ़ (19.09.2016)
https://m.facebook.com/anandbiharilive

Author
आनंद बिहारी
गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ... Read more
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