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शराब ,साकी और गम

रवि रंजन गोस्वामी

रवि रंजन गोस्वामी

शेर

September 2, 2016

साकी था खूबसूरत ।

शराब भी कमाल थी ।

और बहाने मुश्किल थे ,

खुशी से जहर पी लिया हमने ।

डुबोना चाहा था जाम में

गम -ए -बेवफाई

किस्मत को क्या कहें ?

खुद डूब गए हम । ………रवि

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