Oct 4, 2017 · दोहे
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शरद पूर्णिमा की धवल,स्वच्छ चाँदनी रात

शरद पूर्णिमा की धवल,स्वच्छ चाँदनी रात !
फिर बरसायेगी अमी,कर झरझर बरसात !!

शरद पूर्णिमा दे रही, हमें यही सन्देश !
आने को है शीत अब, तत्पर रहो रमेश !!

शरद पूर्णिमा रात्रि का,छाया है उल्लास !
खेले राधा कृष्ण सँग, आज डांडिया रास !!
रमेश शर्मा

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RAMESH SHARMA
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दोहे की दो पंक्तियाँ, करती प्रखर प्रहार ! फीकी जिसके सामने, तलवारों की धार! !... View full profile
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