कविता · Reading time: 1 minute

शरण में आया तेरी राम जी

शरण में आया तेरी राम जी

संग मेरे घूमते थे, संग मेरे खाते
करते थे, मुझसे वे बड़ी बड़ी बातें
दुर्दिन में मेरे वो ,आये नहीं काम जी
अब तो शरण में ,मैं आया तेरी राम जी

यार दोस्त देखे मैनें, देखे मैनें नाते
परे मेरे जाती हैं ,दुनिया की बातें
बचपन ,जबानी बीती , आयी अब शाम जी
अब तो शरण में ,मैं आया तेरी राम जी

शरण में आया तेरी राम जी
मदन मोहन सक्सेना

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