कविता · Reading time: 1 minute

वफ़ादारी,

मोहब्बत मिली जो दाग़दार रही,
निशानी उसकी और यादगार रही,
दोस्ती ऐसी की अदावत न हुई,
दुश्मनी हुई भी तो वफ़ादार रही,

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