वक़्त के साथ चले

खुला आंसमा में आज़ाद उड़े
आओ हम अपना तक़दीर लिखे
चले गए बचपन के दिन यारो
आओ कुछ कर दिखाने को ठाने
वक़्त के साथ चले ………..

युवा शक्ति हम देश के
विकास की नयी पथ बनाएँ
खुशहाली हो चारो ओर
इस जमीं को स्वर्ग बनाएँ
वक़्त के साथ चले ………..

न रुठेंगे तक़दीर न रुठेंगे सपने
कहते है मेहनत से
यहाँ सबकुछ मिलता है
बेवजह कोई बहाना न करे
वक़्त के साथ चले ………..

आशा की डोर हम न तोड़े
कर्तव्य से पीछे न हटे
आओ करे खूब मेहनत
जीत की परचम लहराए
वक़्त के साथ चले ………..

अतीत न भविष्य वश में
आज को बर्बाद न करे
पथ की काँटों को उखाड़ फेंके
चाँद के भी पार चले
वक़्त के साथ चले ……….

सपने भी होंगे अपने एकदिन
अटल साहस अपने पास रखे
झुक जायेगा आसमान एकदिन
अंदर अपने ज्ञान दीप प्रज्वलित रखे
वक़्त के साथ चले ……

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नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing -... View full profile
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