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वक़्त और सपने

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

कुण्डलिया

January 12, 2018

चलता रहता वक़्त ये, रुके न इसकी चाल
जितने पूरे कर सके , सपने उतने पाल
सपने उतने पाल, आँक तू अपनी ताकत
करने इनको पूर्ण, लगे साँसों की लागत
कहे ‘अर्चना’ बात, बाद में हमको खलता
व्यर्थ गँवाया वक़्त, पता जब हमको चलता

12-01-2018
डॉ अर्चना गुप्ता

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Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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