व्यंजन का पाठ

पहले की स्वरों की बात
अब है व्यंजन से मुलाकात
क से कमल खिलता कीचड़ में
ख से खरगोश रहे जंगल में
ग से गायक ने गाना गाया
घ से घड़ी ने घण्टा बजाया
च से चकला बेलन गोल
छ से छतरी लाये मोल
ज से जहाज गगन में उड़ता
झ से झरना झर झर झरता
ट से टमटम गाड़ी आई
ठ से ठकठक हुई ठुकाई
ड से डमरू डमडम गाजे
ढ से ढमढम ढोलक बाजे
त से तरकस के हैं तीर
थ से थरमस में है नीर
द से दुनिया बड़ी कमाल
ध से धन भी करे धमाल
न से नमक बड़ा नमकीन
प से पर्वत जैसी पीर
फ से फल होते हैं अच्छे
ब से प्यारे प्यारे बच्चे
भ से भारत बड़ा महान
म से मस्ज़िद मन्दिर मान
य से यज्ञ की महिमा जान
र से रण में जाते वीर
ल से छोटी बड़ी लकीर
व से वकालत करे वकील
स से सरौता काट सुपारी
श से शहद बहुत हितकारी
ष से षटकोण बनाना भारी
क्ष से क्षमा बढ़ाती यारी
त्र से त्रिशूल लिये त्रिपुरारी
ज्ञ से ज्ञान बढ़ाते ज्ञानी
स्वर व्यंजन की यही कहानी

24-05-2019
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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