Aug 30, 2016 · कविता
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व्यंग

जीन्स क्यों बिलकुल बुरी बात..
ऐसे हंसते हैं क्या ये कोई तरीका है,?
सीधा चलो इतना मटकने की जरूरत क्या ?
एक पब्लिक पब से फोन आता है , 7 बज गए कहाँ हो अभी तक …घर क्यों नहीं पहुची ?
कॉलेज क्या अब बहुत पढ़ लिया कलेक्टर नहीं बनाना,
गर्ल फ्रेंड को व्हट्स ऐप पर उत्तर देने के बाद,
माँ मेने मना किया था मोबाइल मत देना पर मेरी सुने कौन ?? दो चार कनटॉप लगाओ देखो कैसे गाडी ट्रेक पर आती है !
छत पर क्या रखा है ? क्यों पहुच आती हो हर बार दिख नहीं रहा हम लोग बैठे हैं यहाँ ?
1000/933, यही होना चाहिए यही विकल्प है अब बचा l

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MridulC Srivastava
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हीरे सजा रखे हैं तिलक सा माथे उन्हें माटी का कोई मोल नहीं, माटी ही... View full profile
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