कविता · Reading time: 1 minute

व्यंगयुक्त तुकबंधी

एक पुरानी व्यंगयुक्त तुकबंधी

नाम की महिमा

भजो प्रभु का नाम
बने तेरे, बिगढ़ेे काम

देख हाल प्रभु चकराये
नाम की महिमा से शरमाये

किस तरह लें प्रभु का नाम
किया इसका काम तमाम !

जरा गौर फरमाइये
कलियुग का सच जानिये

(१)
नेताजी और काम
है राम, है राम

(२)
दुकानदार और नाप-तोल
हरि बोल, हरि हरि बोल

(३)
अफसर और ईमानदारी
हरे मुरारी ,हरे मुरारी

(४)
सरकारी हस्पताल और उपचार
है पालन-हार, है पालन-हार

(५)
दूरदर्शन और सरकारी तथ्य
राम नाम सत्य, राम नाम सत्य

(६)
कानून और अधिवक्ता
जय हनुमन्ता,जय हनुमन्ता

(७)
आधुनिकता और सभ्यता
है मुक्तिदाता, है मुक्तिदाता

सजन

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