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*वो हम नहीं *

Neelam Ji

Neelam Ji

कविता

June 18, 2017

राह से भटक जाएं वो हम नहीं ।
हार के बैठ जाएं वो हम नहीं ।।
डर के भाग जाती हैं मुश्किलें हमसे ।
मुश्किलों से डर जाएं वो हम नहीं ।।

मौत से ख़ौप खाएं वो हम नहीं ।
हार से घबराएं वो हम नहीं ।।
डरते हैं डराने वाले हमको ।
दुश्मनों से डर जाएं वो हम नहीं ।।

हम दोस्तों को दुश्मन बनाते नहीं ।
दुश्मनों से दोस्ती निभाते नहीं ।।
बना लेते दोस्त जिसको एक बार ।
फिर जिंदगी भर उसको भुलाते नहीं ।।

मंजिल को धोखे से पाते नहीं ।
दुश्मन को भी जहर पिलाते नहीं ।
सोने सा सुंदर दिल है हमारा ।
नफरत का जहर हम फैलाते नहीं ।

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Author
Neelam Ji
मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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