वो हमारी पहली मुलाकात थी

वो हमारी पहली मुलाकात थी
हिचकिचाहट से भरी वो बात थी
चाँद निकला था पुरे सबाब पे
वो हमारी चांदनी रात थी
वो हमारी पहली मुलाकात थी
चाय से शुरू हमारी बात थी
वो मेरा नाम बताना
चीनी कितनी दूँ तुम्हारा पूछना
वो चोर नजरो से तुम्हे देखना
कुछ पूछने पर
अपने बालो को उँगलियों से हटाना
वो चांदनी रात थी
तुम्हारे अपने ख्यालात थे
मेरे भी जज्बात थे
वो हमारी पहली मुलाकात थी
मेरे सवालो पे तुम्हारा शर्माना
कभी अपने अधरों पे मुस्कान लाना
कुछ मेरा सुनना कुछ अपना सुनाना
अपने गिरते पल्लू संभालना
वो मेरा तारीफ़ करना
तुम्हारा चुपचाप मुझे सुनना
वो हमारी चांदनी रात थी
वो हमारी पहली मुलाकात थी
हिचकिचाहट से भरी वो बात थी।

सर्वाधिकार सुरक्षित
अभिषेक राजहंस

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